Vistaar News|फोटो गैलरी|खौफनाक हिस्ट्री के लिए जाना जाता है इस किले का तहखाना! अफीम खिलाकर रखते थे बेहोश, सत्ता के लिए हुआ राजकुमारों का कत्ल
खौफनाक हिस्ट्री के लिए जाना जाता है इस किले का तहखाना! अफीम खिलाकर रखते थे बेहोश, सत्ता के लिए हुआ राजकुमारों का कत्ल
Gwalior Fort: ग्वालियर किले को 'जिब्राल्टर ऑफ इंडिया' कहा जाता है, मुगल शासक बाबर ने इसे 'हिंद के किलों में मोती का हार' कहा था. ग्वालियर किले में विक्रमादित्य महल, सहस्त्रबाहु मंदिर, तेली का मंदिर, मानसिंह महल, शाहजहां महल जैसी बेमिसाल इमारतें हैं.
Written By : विनय कुशवाहाUpdated: September 22, 2025 02:43 PM IST
ग्वालियर किले को 'जिब्राल्टर ऑफ इंडिया' कहा जाता है, मुगल शासक बाबर ने इसे 'हिंद के किलों में मोती का हार' कहा था.
भारतीय इतिहास में किले और दुर्गों का इतिहास बहुत शानदार रहा है. इनके कई उजले तो कई स्याह पहलू रहे हैं.किलों और दुर्गों के मामलों में मध्य प्रदेश देश में दूसरा स्थान पर है. यहां 300 से ज्यादा किले, दुर्ग और गढ़ हैं. ग्वालियर किले को ‘जिब्राल्टर ऑफ इंडिया’ कहा जाता है, मुगल शासक बाबर ने इसे ‘हिंद के किलों में मोती का हार’ कहा था. ग्वालियर किले में विक्रमादित्य महल, सहस्त्रबाहु मंदिर, तेली का मंदिर, मानसिंह महल, शाहजहां महल जैसी बेमिसाल इमारतें हैं. मानसिंह पैलेस को अपने अनोखे डिजाइन के लिए जाना जाता है. यहां लगी नीली टाइल्स सबसे यूनिक है. दीवारों, सीलिंग और छज्जों पर की गई कारीगरी अद्भुत है. मानसिंह पैलेस का निर्माण तोमर राजा मानसिंह ने 15वीं शताब्दी में करवाया था. इस महल की दो मंजिल भूमिगत है. यहां एक तहखाना है जहां पहले रानियों के स्नान के लिए व्यवस्था थी. मुगल शासक शाहजहां और औरंगजेब के समय इसका इस्तेमाल प्रताड़ना गृह के रूप में किया जाता था. अफीम खिलाकर शाही लोगों को लंबे समय तक बेहोश रखा जाता था. मानसिंह पैलेस के तहखाने में औरंगजेब ने मुराद को कैद में रखा और बाद में उसकी हत्या करवा दी.