जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में अब तक 55 बाघों की मौत हो चुकी है, जबकि वर्ष 2026 के शुरुआती दो महीनों में ही 11 बाघों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं. इन घटनाओं में प्राकृतिक कारणों के साथ-साथ शिकार और अन्य संदिग्ध कारणों की भी जांच की जा रही है.
मध्यप्रदेश में अब शासकीय सेवकों को वेतन निर्धारण में विसंगति के कारण हुए अधिक भुगतान की वसूली सेवानिवृत्ति के बाद भी की जा सकेगी. राज्य सरकार ने यह कदम सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर उठाया है.
MP News: सरकारी अधिकारियों के अनुसार, दोनों शहरों का मास्टर प्लान अब मेट्रोपॉलिटन स्तर की प्लानिंग के आधार पर बनाया जा रहा है. इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया में दो बार नए क्षेत्रों को जोड़ा जा चुका है, जिससे पूरे क्षेत्र का दोबारा सर्वे, डाटा संकलन और तकनीकी प्रक्रिया करनी पड़ रही है.
MP News: सूत्रों के अनुसार, सरकार भोपाल जैसे बड़े जिले में महिला आईएएस को मौका देने पर भी विचार कर रही है. धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को जिले में तीन साल से ज्यादा समय हो चुका है. बेहतर प्रदर्शन के कारण उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है.
Bhopal News: रहवासियों ने बताया कि समस्या को लेकर जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन और नगर निगम कॉल सेंटर में कई बार शिकायत की जा चुकी है. इसके बावजूद पानी की गंदी सप्लाई बंद नहीं हुई है. यह इलाका नगर निगम जोन-16 में आता है और नरेला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत है.
MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लगभग एक साल पहले इस योजना को लागू करने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक इसका प्रस्ताव कैबिनेट तक नहीं पहुंच पाया है.
MP News: उमंग सिंघार ने मंगलवार को भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूचना आयुक्त की नियुक्ति में हो रही देरी को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है.
MP News: प्रदेश भाजपा में संगठन महामंत्री का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. यह पद संगठन और RSS के बीच समन्वय की अहम कड़ी होता है. ऐसे में इस नियुक्ति को लेकर पार्टी के अंदर भी काफी चर्चा बनी हुई है.
जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त ने विभाग के सभी आहरण और संवितरण अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का वितरण सुनिश्चित किया जाए. इसके लिए 15 करोड़ 40 हजार रुपये का बजट आवंटित किया गया है.
मामला इंदौर नगर निगम से जुड़े एक सवाल का है, जिसमें विधानसभा में यह जानकारी दी गई कि शहर में एक भी सफाई निरीक्षक (सैनिटरी इंस्पेक्टर) नहीं है. बाद में यह जानकारी गलत पाई गई.