दिल्ली सरकार ने प्रदूषण पर काबू पाने के लिए स्मार्ट कैमरों का इस्तेमाल करने का फैसला किया है. ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरे अब राजधानी के लगभग 500 पेट्रोल पंपों पर लगाए जाएंगे. ये कैमरे किसी जासूस से कम नहीं होंगे, क्योंकि ये पुरानी गाड़ियों को देखते ही पहचान लेंगे.
दिल्ली हाई कोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा पर आरोप लगे हैं कि नई दिल्ली स्थित उनके आधिकारिक निवास से भारी मात्रा में नकदी मिली थी. 14 मार्च को उनके निवास के एक स्टोर रूम में आग लगी थी, जहां पर कथित तौर पर उनके घर से बड़ी मात्रा में कैश मिला था.
जातिगत जनगणना के मुद्दे पर दत्तात्रेय होसबोले ने समाज में जातिवाद के खिलाफ अपनी राय रखते हुए कहा, "हमारे समाज में जाति या बिरादरी के आधार पर कभी किसी को आपस में झगड़ना नहीं चाहिए. जब कोई सैनिक बॉर्डर पर शहीद होता है या कोई खिलाड़ी मेडल जीतता है, तो हम उसकी जाति या धर्म नहीं देखते, हम सिर्फ उसकी वीरता पर गर्व करते हैं. यही भारत की सद्भावना है."
जेल अधिकारियों के मुताबिक, मुस्कान लगातार बेचैनी का शिकार हो रही है. उसे नशे की लत के कारण कई मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और वह इंजेक्शन की मांग कर रही है.
भगत सिंह के लिए धर्म का अस्तित्व समाज में सवाल खड़ा करने का था, न कि किसी मान्यता से जुड़ा हुआ. उनका कहना था, "अगर कोई इंसान, जो अंधविश्वास का पालन करता है, वह समाज को आगे नहीं ले जा सकता."
Video: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिला स्थित एक सरकारी स्कूल में बच्चों को फल की जगह मटर और गाजर दे दी गई. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो रहा है.
इस मंदिर का महत्व सिर्फ कर्नाटक तक ही सीमित नहीं है. पिछले साल ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति भी इस मठ का दौरा करने पहुंचे थे. इसके अलावा, इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति और उनकी पत्नी सुधा मूर्ति भी अपने परिवार के साथ इस धार्मिक स्थल पर पहुंचे थे.
मुस्कान का हत्या से पहले का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वह सौरभ के साथ जमकर डांस करती नजर आ रही थी.
बिहार विधानसभा चुनाव में इस विवाद का सामाजिक और राजनीतिक असर देखना दिलचस्प होगा. जहां एक तरफ नीतीश कुमार की साख अल्पसंख्यक समुदाय में दांव पर है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल, विशेषकर आरजेडी, इस मौके का फायदा उठाने की पूरी कोशिश करेंगे. मुस्लिम वोट बैंक को लेकर इस बायकॉट का गहरा असर हो सकता है, खासकर चुनावी मौसम में जब हर वोट की कीमत बढ़ जाती है.
1954 में डायरेक्टर जगदीश गौतम ने फिल्म 'शहीद-ऐ-आजम' बनाई, जिसमें प्रेम अदीब ने भगत सिंह का किरदार निभाया. यह फिल्म न केवल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक भगत सिंह के जीवन को दर्शाती थी, बल्कि इसने एक पूरी पीढ़ी को प्रेरित किया. प्रेम अदीब की शानदार एक्टिंग और फिल्म की संजीदगी ने दर्शकों के दिलों में भगत सिंह की छवि को मजबूती से बैठा दिया.