हर्षा रिछारिया एक सोशल एक्टिविस्ट, इन्फ्लुएंसर और निरंजनी अखाड़े से जुड़ी हुई साध्वी हैं. वे खुद को आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंदगिरी जी महाराज की शिष्य बताती हैं और वर्तमान में उत्तराखंड में रह रही हैं.
Maha Kumbh 2025: मकर संक्राति के पर्व पर महाकुंभ में पहला शाही स्नान हुआ. पूरे शरीर पर भस्म लपेटे बड़ी संख्या में नागा साधु-संत संगम पहुंच रहे हैं.
बीजेपी ने इस पूरे मामले को एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है. पार्टी ने दावा किया कि जिस एनजीओ से आरोपी के पिता का संबंध था, उसने अफजल गुरु को फांसी दिए जाने का विरोध किया था. अफजल गुरु को 2001 के संसद हमले के मामले में दोषी ठहराया गया था और बाद में फांसी दी गई थी.
राजनारायण के आरोपों की अदालत में सुनवाई हुई और इंदिरा गांधी के खिलाफ फैसले ने पूरे देश को चौंका दिया. 12 जून 1975 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी की रायबरेली सीट को अवैध करार दे दिया. अदालत ने यह पाया कि चुनाव प्रचार में सरकारी जीपों का इस्तेमाल और अन्य तरीके से चुनावी नियमों का उल्लंघन किया गया था.
Maha Kumbh 2025: करीब 14 साल से हाथ उठाए मध्य प्रदेश के 'हठी बाबा' महाकुंभ में पहुंचे हैं, जिनकी खूब चर्चा हो रही है.
मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर दोनों दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. इस सीट पर 17 जनवरी तक नामांकन की प्रक्रिया पूरी होनी है, और फिर 5 फरवरी को चुनाव होगा. मिल्कीपुर का चुनाव न सिर्फ स्थानीय बल्कि राज्य की राजनीति में भी बड़ा बदलाव ला सकता है.
Maha Kumbh 2025: महाकुंभ पहुंची जूना अखाड़े की महामंडलेश्वर योगमाता चेतना और योगमाता श्रद्धा ने Vistaar News के एग्जीक्यूटिव एडिटर ज्ञानेंद्र तिवारी के साथ खास बातचीत की.
राहुल गांधी के हमले के बाद, अरविंद केजरीवाल ने भी पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी पार्टी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वह देश को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता उन्हें गालियां दे रहे हैं, लेकिन वह उनके बयानों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे.
Maha Kumbh 2025: महाकुंभ में आशीर्वाद पाने के लिए किन्नर अखाड़े पर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. इस दौरान किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने राजनीति में एंट्री के सवाल पर जवाब दिया.
Maha Kumbh 2025: महाकुंभ में तरह-तरह के संत और बाबा शामिल हो रहा हैं. इन्हीं में से एक मसानी गोरख बाबा उर्फ IITian बाबा हैं. IITian बाबा ने लाखों की नौकरी छोड़ कर सनातन धर्म में रमणे का फैसला लिया है.