जितेंद्र सिंह ने बुधवार को बताया कि भारत 2035 तक अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित कर लेगा. इसके साथ ही उन्होंने 2040 तक चंद्रमा पर एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को उतारने की योजना की भी जानकारी दी.
"वन नेशन, वन इलेक्शन" का प्रस्ताव न केवल सरकारी खर्चों को कम करने की दिशा में एक कदम हो सकता है, बल्कि संसाधनों का बेहतर प्रबंधन और राजनीतिक स्थिरता को भी बढ़ावा दे सकता है।
मुफ़्ती खालिद नदवी अलीगोल इलाके की सुपर कॉलोनी में ऑनलाइन दीनी तालीम (धार्मिक शिक्षा) देता है. वह उर्दू और अरबी में बच्चों को कुरान और इस्लामी शिक्षा सिखाता है. हाल ही में एनआईए को यह शक हुआ कि मुफ़्ती खालिद ने अपने ऑनलाइन मदरसे के संचालन के दौरान विदेशों से फंडिंग प्राप्त की है.
महायुति के नेताओं का कहना है कि शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा. इस बार विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से शुरू होने वाला है, और इससे पहले यह विस्तार हो सकता है.
इसके विपरीत, मुस्लिम संगठनों और कुछ धर्मनिरपेक्ष दलों का यह कहना है कि इस कानून को समाप्त करने से धार्मिक सौहार्द बिगड़ेगा. जमीयत उलमा-ए-हिंद ने इसे भारत की धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण बताया है.
SC: गुरुवार को प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट, 1991 पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट-1991 की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केंद्र सरकार से 4 हफ्ते में अपना पक्ष रखने को कहा है.
Today Weather Update: IMD ने अगले 5 दिनों के दौरान जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, दिल्ली-NCR, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा-चंडीगढ़, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार झारखंड और उससे सटे मध्य भारत में शीत लहर चलने की स्थिति बन रही है.
Atul Subhash Suicide: अतुल सुभाष ने अपने सुसाइड से पहले करीब डेढ़ घंटे के वीडियो में अपनी पत्नी और ससुराल वालों को इसका जिम्मेदार बताया है. अब इस मामले की जांच करने के लिए बेंगलुरु पुलिस की एक टीम जौनपुर पहुंच गई है.
यह विवाद और बढ़ा जब कल्याण बनर्जी ने अपनी टिप्पणी पर माफी मांगी. हालांकि, सिंधिया ने उनकी माफी को स्वीकार नहीं किया. सिंधिया ने कहा, "आपने देश की महिलाओं का अपमान किया है. हम यहां राष्ट्र निर्माण में योगदान देने आए हैं, न कि व्यक्तिगत टिप्पणियां करने."
TRAI के इस नियम के तहत, अब टेलीकॉम कंपनियों को हर संदेश की पूरी चेन के बारे में जानकारी रखनी होगी. इसका मतलब है कि यदि कोई संदेश किसी यूजर के मोबाइल पर आता है, तो उस संदेश का पूरा ट्रैकिंग डेटा टेलीकॉम ऑपरेटर के पास होगा.