Delhi Election: दिल्ली सरकार के विभाग ने 2100 रुपए की घोषणा के मामले में एलजी सचिवालय ने डिविजनल कमिश्नर से जांच करने को कहा है. सचिवालय ने कहा है कि किस तरह गैर सरकारी लोग लोगों का निजी डेटा इकट्ठा कर रहे हैं.
वायुदेव तेजपुंज के पास पहुंचे और उन्होंने अपनी शक्ति का अभिमान करते हुए कहा, "मैं अतिबलवान हूं, मैं ही प्राणों का स्रोत हूं, और मेरी शक्ति के आगे किसी की भी नहीं चल सकती." यह सुनकर तेजपुंज रूपी देवी दुर्गा ने वायुदेव से कहा, "अगर तुम सचमुच इतने शक्तिशाली हो, तो इस तिनके को हिलाकर दिखाओ."
यह घटना तब की है जब मुगलों ने गुरु गोबिंद सिंह जी से बदला लेने के लिए हमला किया था. परिवार के सदस्य एक दूसरे से बिछड़ गए. बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की उम्र उस समय केवल सात और पांच साल थी.
माता पार्वती की तपस्या ने न केवल उनके रूप को निखारा, बल्कि उनके दिव्य तेज में भी वृद्धि की. जैसे-जैसे वे तपस्या में लीन होती गईं, उनके रूप और सौंदर्य में एक अद्भुत तेज और आकर्षण आ गया. यही तेज समुद्र देवता की दृष्टि से बच नहीं पाया.
Vivah Muhurat 2025: ज्योतिष गणना के मुताबिक साल का पहला माह बेहद शानदार होने वाला है. इस माह में सूर्य मकर राशि में गोचर करेंगे. सूर्य के मकर राशि में आने से एक बार फिर शादी-विवाह, सगाई, ग्रह प्रवेश व अन्य सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत होने वाली हैं.
Manusmriti: सनातन धर्म की पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्मा जी ने सृष्टि के विस्तार के लिए अपने शरीर को दो भागों में बांट दिया था. जिनके नाम ‘का’ और ‘या’ (काया) हुए. उन्हीं दो भागों में से एक से पुरुष और दूसरे से स्त्री की उत्पत्ति हुई.
Kalashtami 2024: कालाष्टमी के दिन भगवान काल भैरव को समर्पित होता है. इस दिन उनकी पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है. इस दिन भगवान शिव के एक उग्र रूप 'काल भैरव' की पूजा की जाती है.
गुणनिधि का आचरण देखकर उनके माता-पिता बेहद परेशान हो गए. उन्होंने बहुत कोशिश की कि गुणनिधि को समझाकर सुधार लें, लेकिन उनका जीवन बुरी आदतों से ग्रस्त हो चुका था. अंततः उनके माता-पिता ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया.
पात्र) धारण करते हैं. ब्रह्मा ने सबसे पहले चार पुत्रों—सनक, सनंदन, सनातन और सनतकुमार की रचना की. इन चारों पुत्रों को उनके शरीर से उत्पन्न किया. यह चारों पुत्र न केवल ब्रह्मा के रचनात्मक कार्य में सहयोगी बने, बल्कि वे अपनी तपस्या और ज्ञान से ब्रह्मा के अनुयायी भी बने.
Powerful Bows: किसी भी महाकाव्य में जब युद्ध और वीरता की बात होती है, तो धनुष और बाण का उल्लेख स्वाभाविक रूप से आता है. प्राचीन भारत के त्रेता और द्वापर युग में धनुषों का विशेष स्थान था. ये सिर्फ अस्त्र नहीं थे, बल्कि महाकाव्यिक घटनाओं के गवाह थे. इन शक्तिशाली धनुषों का उपयोग महान […]