Ganga Dussehra 2026: गंगा दशहरा के दिन 'दशविध स्नान' का विशेष महत्व है. मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा में डुबकी लगाने से दस तरह के पापों से मुक्ति मिलती है. तीन प्रकार के कायिक (शरीर द्वारा किए गए), चार प्रकार के वाचिक (वाणी द्वारा किए गए) और तीन प्रकार के मानसिक पाप.
Buddha Purnima 2026: साल 2026 में पूर्णिमा की तिथि 30 अप्रैल की रात 9:13 बजे शुरू हो जाएगी और अगले दिन 1 मई को रात 10:53 बजे तक रहेगी. क्योंकि सूर्योदय के समय की तिथि का महत्व ज्यादा होता है, इसलिए यह पर्व 1 मई को ही मनाया जाएगा.
Chardham Yatra 2026: बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए अब तक 4 लाख से ज्यादा भक्त पहुंच चुके हैं. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने हेलीपैड पर एक साथ दो हेलीकॉप्टर उतारने के इंतजाम किए हैं, ताकि हवाई यात्रा करने वालों को ज्यादा इंतजार न करना पड़े.
Buddha Purnima 2026: गौतम बुद्ध ने एक बार सांकेतिक तौर पर कहा था कि हर इंसान की 4 पत्नियां होनी चाहिए. उन्होंने ये बात जीवन के अर्थों को समझाने के लिए कही थी. इस बात का उल्लेख 32 आगम सूत्रों में से एक में मिलता है
Buddha Purnima 2026; बुद्ध पूर्णिमा या वैशाख पूर्णिमा 1 मई को मनाई जाएगी. हिंदू और बौद्ध दोनों ही धर्मों में इस दिन की बड़ी मान्यता है. माना जाता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने महात्मा बुद्ध के रूप में अवतार लिया था.
Guru Gochar 2026: 2 जून 2026 को गुरु अपनी सबसे प्रिय और मजबूत राशि कर्क में कदम रखेंगे. इस बदलाव से 'हंस राजयोग' नाम का एक बहुत ही शुभ और ताकतवर योग बनेगा.
Vastu Tips: आज के समय में फ्रिज, टीवी और एयर कंडीशनर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हर घर की जरूरत बन चुके हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार इनकी सही दिशा में प्लेसमेंट बेहद अहम मानी जाती है.
Badrinath Dham Opening: मंदिर के कपाट खुलने के बाद सबसे पहले पुरोहित प्रवेश करते हैं. घृत कंबल को भगवान की मूर्ति से हटाया जाता है. इसका निर्माण माणा गांव की कुंवारी कन्या द्वारा किया जाता है. जब बदरीनाथ के कपाट बंद किए जाते हैं तो उस समय भगवान की मूर्ति पर घी से लेप लगाया जाता है.
Baglamukhi Jayanti: वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी के दिन मां बगलामुखी जयंती मनाई जाती है. इस साल बगलामुखी जयंती किस तिथि को मनाई जानी है, इसे लेकर लोगों के अंदर उत्सुकता बनी हुई है.
Vastu Tips: घर का ये कोना मानसिक, आध्यात्मिक और आर्थिक संतुलन का स्थान माना जाता है. इस स्थान पर भारी वस्तुएं, कबाड़, बंद पड़ी आदि वस्तुओं को रखने से मानसिक और आर्थिक दिक्कतों का सामना पड़ सकता है.