Bangladesh: घटना उस वक्त की है जब गुरुवार शाम चटगांव शहर के जेएम सेन हॉल में लोगों के एक समूह ने खुद को एक सांस्कृतिक समूह का सदस्य बताया और गाना चाहा, तो पूजा समिति के एक सदस्य ने उन्हें गाने की अनुमति दे दी.
पीएम नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश की अपनी यात्रा के दौरान 27 मार्च, 2021 को जेशोरेश्वरी मंदिर का दौरा किया था और मां काली के इस ऐतिहासिक मंदिर में देवी के सिर पर मुकुट अर्पित किया था.
यह घटना पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिम में अशांत बलूचिस्तान प्रांत का बताया जा रहा है। बता दें यह हमला तब हुआ है जब अगले कुछ दिनों में पाकिस्तान की राजधानी में एक प्रमुख सुरक्षा शिखर सम्मेलन से होने वाला है।
इसके अलावा, पीएम मोदी ने लाओस में सम्मानित भिक्षुओं से भी मुलाकात की. उन्होंने साकेत मंदिर में बौद्ध भिक्षुओं द्वारा आयोजित आशीर्वाद समारोह में भाग लिया. इस दौरान, उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "लाओ PDR में भिक्षुओं और आध्यात्मिक नेताओं से मिलकर बहुत खुशी हुई. मैं उनके आशीर्वाद के लिए आभारी हूं."
लाओस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी सदस्यता के प्रयासों का समर्थन किया है. राम मंदिर उद्घाटन के दौरान, लाओस ने राम लला पर एक विशेष डाक टिकट जारी किया, जो दुनिया में अपनी तरह का पहला कदम था.
Israel-Hamas War: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास का अस्तित्व धरती से मिटा देने की कसम खाई थी. जिसके बाद से इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) के अभियानों के बाद से गाजा में मरने वालों की संख्या बहुत अधिक है.
Israel-Hamas War: एक इजरायली अधिकारी ने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि सेना इस सप्ताह की शुरुआत में ईरानी मिसाइल हमले का जवाब देने की तैयारी कर रही है.
इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में एक फ्रांसीसी मल्टीनेशनल कंपनी टोटलएनर्जीज़ के गैस स्टेशन पर भी हवाई हमला किया है. यह हमला तब हुआ जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच जुबानी जंग जारी है.
इस दशकों पुराने संघर्ष ने एक बार फिर 7 अक्टूबर, 2023 को उस समय जोर पकड़ा, जब हमास के आतंकवादियों ने दक्षिणी इजरायल पर हमला किया, जिसमें 1,200 लोग मारे गए. इस हमले में हमास ने लगभग 250 लोगों को बंधक भी बनाया.
1979 से पहले ईरान की शासन व्यवस्था एक राजतंत्र के अधीन थी. उस समय शाह मोहम्मद रजा पहलवी का शासन था, जो पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका का समर्थक था. इस दौरान, ईरान में महिलाओं को स्वतंत्रता का अनुभव था, लेकिन कट्टरपंथी नेताओं का असंतोष बढ़ रहा था.