Bangladesh Rivers Mystery: दूसरी थ्योरी और भी डरावनी है. मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, शेख हसीना के 15 साल के शासन (2009-2024) में करीब 700 लोग जबरन गायब कर दिए गए थे. ये राजनीतिक विरोधी, कार्यकर्ता या पत्रकार थे, जिन्हें सेना की खुफिया एजेंसी DGFI या RAB (रैपिड एक्शन बटालियन) ने पकड़ा और गुप्त जेलों में डाल दिया.
ठीक ऐसा ही एक भयावह हादसा 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुआ था, जब एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 ने अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरी ही थी कि कुछ ही मिनटों बाद वह बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास पर जा गिरी.
Bangladesh: बांग्लादेश में रबीन्द्रनाथ टैगोर के पुराने घर को दंगाइयों ने तोड़ डाला है.
यूनुस की मुश्किलें केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं हैं. उनकी सबसे बड़ी दिक़्क़त सेना अध्यक्ष से है. बांग्लादेश की कमान संभालने के दौरान ही सेना प्रमुख वकार-उज-जमान के साथ युसूफ के तनानती की ख़बरें बाहर आने लगी थीं. अब ये रिश्ते और ज़्यादा तनावपूर्ण होने लगे हैं.
चौथा और आखिरी नाम है ढाका के मेयर इशराक का. कभी यूनुस के खासमखास रहे इशराक अब उनके सबसे बड़े विरोधी बन गए हैं. यूनुस की अंतरिम सरकार नहीं चाहती थी कि इशराक मेयर बने. लेकिन इशराक ने हार नहीं मानी और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट ने यूनुस सरकार को करारा झटका देते हुए इशराक के हक में फैसला सुनाया.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि इनको डिपोर्ट करने का आदेश जारी किया जा चुका है और तब तक इन सभी को डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा.
Sheikh Hasina: मंगलवार को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी पार्टी ‘अवामी लीग’ पर प्रतिबंध लगाने की धमकियों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने धमकियां देने वालों को चेतावनी दी है. शेख हसीना ने कहा है कि अवामी लीग कोई परजीवी नहीं है और न ही बाढ़ के पानी के साथ उभरी है. […]
India: तुलसी गबार्ड का एक बयान सामने आया है, जिससे बांग्लादेश सरकार भड़क गया है. दरअसल, उन्होंने बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों का लंबे समय से दुर्भाग्यपूर्ण उत्पीड़न, हत्या और दुर्व्यवहार अमेरिकी सरकार और राष्ट्रपति ट्रंप और उनके प्रशासन के लिए चिंता का विषय रहा है.
बांग्लादेश के आर्मी चीफ़ जनरल वकार- उज़- ज़मान ने एक कार्यक्रम के दौरान चेतावनी भरे लहजे में कहा, “मैं देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता के लिए संभावित खतरे को देख रहा हूँ. पिछले 7-8 महीनों में मेरे लिए बहुत कुछ हो चुका है.
भारतीय मछुआरों को बांग्लादेश से वापस लाए जाने के बाद पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना में मत्स्य अधिकारियों को सौंपा जा रहा है.