Bhopal Metro: मेट्रो के फेज-3 की बात करें तो ये भदभदा चौराहे से रत्नागिरी चौराहे के बीच चलेगी. इसकी कुल लंबाई 14.16 किमी है. इस सेक्शन के 13 स्टेशन एलिवेटेड होंगे. इसका कार्य भी 2 सालों में पूरा हो जाएगा. इस प्रोजेक्ट की लागत लगभग 1006 करोड़ रुपये आएगी.
भोपाल मेट्रो किसी ना किसी कारण से चर्चा में बनी रहती है. अब भोपाल मेट्रो को लेकर एक और विवाद शुरू हो गया है. मेट्रो को लेकर अंडरग्राउंड निर्माण को लेकर एमपी राज्य वक्फ बोर्ड ने आपत्ति जताई है.
इसके लिए हर घंटे के हिसाब से 5 से 7 हजार रुपये का शुल्क लिया जाएगा. खड़ी मेट्रो और चलती हुई मेट्रो के लिए अलग-अलग चार्ज है.
MP News: दोनों शहरों में 27 अप्रैल से ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम को लागू किया जा रहा है. इसके साथ ही यात्रियों को टिकट और वॉलेट रिचार्ज करने पर छूट मिलेगी. अब तक मैन्युअली किराया वसूला जाता था, जिसे आने वाले दिनों में ऑनलाइन वसूल किया जाएगा.
Bhopal Metro: कहीं ऐसा तो नहीं की शुरुआती दौर में सरकार के लिए भोपाल मेट्रो घाटे का सौदा बन गई है. मौजूदा हालात ये है कि दिन का खर्च 8 लाख और कमाई 15 हजार रुपये है.
ये पहली दफा नहीं है कि भोपाल मेट्रो की टाइमिंग बदली गई है, या फिर नया शेड्यूल जारी किया गया है. पिछले 100 दिनों में ये तीसरी बार है जब भोपाल मेट्रो की टाइमिंग बदल दी गई है.
भोपाल मेट्रो में ऑरेंज लाइन का अंडरग्राउंड रूट पुल पातरा से बड़ा बाग और सिंधी कॉलोनी तक बनेगा. हालांकि मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि सुरंग बनने का एहसास जमीन के ऊपर ज्यादा पता नहीं चलेगा.
Bhopal Metro: सिग्नलिंग सिस्टम का काम शुरू भोपाल में मेट्रो संचालन को तेज और सुचारू बनाने की दिशा में अहम प्रगति हुई है.
Bhopal Metro: टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के दो हिस्से करीब 24 मीटर नीचे स्थापित किए जा चुके हैं, वहीं भूमिगत स्टेशनों के निर्माण कार्य ने भी रफ्तार पकड़ ली है.
Bhopal: राजधानी भोपाल में मेट्रो प्रोजेक्ट के सबसे अहम चरण अंडरग्राउंड रूट यानी टनल निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है. ऑरेंज लाइन में सिंधी कॉलोनी से बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन होते हुए पुल पातरा तक सुरंग बनाई जाएगी.