ट्रंप की तरफ से अगर ऐसे ही बयानबाजी जारी रहती है तो निश्चित तौर पर इसका असर कारोबार पर भी पड़ सकता है.
कुछ लोगों को डर है कि मस्क की यह नई पार्टी चुनावों में वोटों को बांट सकती है, जिससे परिणाम अप्रत्याशित हो सकते हैं. कुछ विश्लेषकों को 1992 के राष्ट्रपति चुनाव की याद आ रही है, जब रॉस पेरोट नाम के एक स्वतंत्र उम्मीदवार ने वोटों को बांटा था. ट्रंप से मस्क की दुश्मनी इस हद तक बढ़ गई है कि ट्रंप ने मस्क को देश से निकालने और उनकी कंपनियों को सरकारी फंड बंद करने की धमकी भी दी है.
दरअसल, मस्क ने नेचुरलाइजेशन के तहत नागरिकता हासिल की थी और इसे अमेरिकी कानून के तहत रद्द करने का प्रावधान है.
Donald Trump Trade Deal: ट्रंप ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि अमेरिका ने चीन के साथ एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौता साइन किया है और अब जल्द ही भारत के साथ भी एक 'बहुत बड़ी' ट्रेड डील होने वाली है.
Iran-Israel War: डोनाल्ड ट्रंप ने 24 जून को ऐलान किया कि ईरान और इजरायल के बीच 12 दिन तक चली जंग के बाद सीजफायर पर सहमति बन गई है.
Puchhti Hai Public: ईरान-इजरायल युद्ध के बीच अमेरिका की ओर से की गई बमबारी को लेकर वरिष्ठ पत्रकार और रिटायर्ड कनर्ल ने क्या कहा?
Israel Iran War: अमेरिका ने ईरान के 3 न्यूक्लियर साइट्स पर बमबारी की है. इनमें फोर्दो, नतांज और एस्फहान शामिल हैं. इन तीनों ठिकानों में ईरान का सबसे सुरक्षित फोर्दो भी शामिल है.
एनरिचमेंट प्लांट को तबाह करने में सिर्फ अमेरिका के GBU-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर बंकर-बस्टर बम और B-2 स्टेल्थ विमान सक्षम हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक अब इन्हीं विमानों से अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है.
ट्रंप के इस 'दर्द' पर पाकिस्तान ने थोड़ा सा मरहम लगाने की कोशिश जरूर की है. पाकिस्तान ने औपचारिक रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति को 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के नाम की सिफ़ारिश की है.
ईरान में सत्ता परिवर्तन कराना अमेरिका का एक पुराना एजेंडा रहा है, जिसकी मुख्य वजहें ईरान का परमाणु कार्यक्रम, मध्य पूर्व में उसका बढ़ता क्षेत्रीय प्रभाव और मानवाधिकारों की स्थिति हैं. अमेरिका इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आमतौर पर आर्थिक प्रतिबंधों को मुख्य हथियार बनाता है, ताकि ईरान की अर्थव्यवस्था कमजोर हो और जनता में असंतोष बढ़े.