MP News: पटवारी ने कहा कि MSU की रिपोर्ट के अनुसार, नागपुर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती छिंदवाड़ा के बच्चों की संदिग्ध एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) से मौत हो रही थी.
जीतू पटवारी ने कहा, 'यह 5 बार की सरकार है, इसलिए सरकार की चमड़ी मगरमच्छ की हो गई है. इनको लग रहा है कि हम कुछ भी करेंगे लेकिन हम फिर सत्ता में आ जाएंगे.'
MP News: पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सोमवार को छिंदवाड़ा में पीड़ित परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने परिजनों से हालचाल जाना. इसके साथ ही पटवारी ने सीएम से पीड़ित परिजनों के लिए एक-एक करोड़ की सहायता राशि की मांग की
जीतू पटवारी ने राज्यपाल को लिखे पत्र में में लिखा है, 'मुख्यमंत्री को परामर्श या निर्देश दिया जाए कि वे विपक्ष और जनता के चुने प्रतिनिधियों के प्रति मर्यादित और शालीन भाषा का ही प्रयोग करें.'
MP News: कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय 25 सितंबर को शाजापुर के दौरे पर थे. यहां वे पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर आयोजित प्रबुद्धजन संगोष्ठी में शामिल हुए थे. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को लेकर टिप्पणी की थी
MP News: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पलटवार करते हुए कैबिनेट मंत्री के बयान को शर्मनाक बताया है. उन्होंने कहा कि मां दुर्गा और शक्ति की उपासना के दिन चल रहे हैं. नवरात्रि में जिस तरह भाई-बहन के रिश्तों पर टिप्पणी की है, बहुत शर्मनाक है
MP News: जीतू पटवारी के बयान पर भाजपा नेताओं ने उन पर निशाना साधा था. कल विधायक रामेश्वर शर्मा ने उनके इस बयान की कड़ी आलोचना की थी वहीं अब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समेत कई नेता उनके इस बयान की आलोचना कर रहे हैं.
MP News: रामेश्वर शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ही गौ माता की हत्या करने वाली पार्टी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने गौ हत्या करने वालों को संरक्षण दिया और उन्हें बढ़ावा दिया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज भी 20 से ज्यादा लोग गोकशी और गौ तस्करी के अपराध में जेल में सजा काट रहे हैं.
जीतू पटवारी ने परिवार वाद को लेकर भी BJP पर निशाना साधा, उन्होंने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी परिवारवाद की बात करती है. नरेंद्र मोदी को BJP का परिवारवाद नहीं दिखता है. BJP नेताओं के बेटे खेल और राजनीति में बैठे हुए हैं.'
MP News: मध्यप्रदेश में 18 महीनों के भीतर 719 महिलाएं दहेज उत्पीड़न की शिकार बनी हैं. आंकड़े बताते हैं कि कानून होने के बावजूद दहेज हत्या की समस्या खत्म होने के बजाय लगातार बढ़ रही है.