हाल ही में पाकिस्तान के मंत्री ख्वाजा आसिफ ने धमकी दी थी कि अगर भारत ने पानी रोका, तो वो मिसाइलें चलाएंगे और टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियारों का इस्तेमाल करेंगे. लेकिन अब भारत ने बगलिहार डैम से पानी रोक दिया है, और जल्द ही किशनगंगा का पानी भी रोका जाएगा.
Pahalgam Terror Attack: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए पहलगाम आतंकी हमले पर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि पीएम मोदी को हमले से पहले ही खुफिया रिपोर्ट मिली थी.
कश्मीर के मुद्दे को लेकर पाकिस्तान की कोशिश रही है कि इसको अंतर्राष्टीय बनाया जाए, लेकिन यहां भी पाकिस्तान की दाल नहीं गली.
Pahalgam Terror Attack: पहलगाम आतंकी हमले में जान गवाने वाले लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के घर राहुल गांधी डेढ़ घंटे तक रहे. नौसेना के लेफ्टिनेंट नरवाल के आवास पर कांग्रेस के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी मौजूद रहे.
पहलगाम हमले की जिम्मेदारी पाक स्थित आतंकी संगठन टीआरएफ ने ली. लेकिन पाकिस्तान ने एक बार फिर बेशर्मी दिखाते हुए इस आतंकी हमले में अपना हाथ होने से इनकार कर दिया.
साइबर अटैक में डिफेंस वेबसाइट से सेना की गुप्त जानकारी लीक होने की आशंका जताई जा रही है. लेकिन IDSA ने इस दावे को खारिज कर दिया है.
India-Pakistan Tensions: पाकिस्तान में भारत के संभावित हमले के डर के बीच इस्लामाबाद के सबसे बड़े धर्मगुरु ने सेना और सरकार का साथ छोड़ दिया है. इस्लामाबाद के लाल मस्जिद के मौलाना ने युद्ध को धार्मिक नहीं बताया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. मौलाना अब्दुल अजीज ने कहा कि यह सरकार की लड़ाई है, आम लोगों को इससे दूर रहना चाहिए.
Pakistan: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद की एक मस्जिद से बड़ा ऐलान हुआ है. लाल मस्जिद के मौलाना अब्दुल अज़ीज गाज़ी ने भाषण देते हुए पाक सेना का साथ नहीं देने का एलान किया है.
Rajnath Singh On Pak: रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि रक्षा मंत्री के रूप में मेरा दायित्व है कि मैं अपने सैनिकों के साथ अपने देश की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करूं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में आप जैसा चाहते हैं, वैसा होकर ही रहेगा
पाकिस्तानी अखबार द डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, PoK की सरकार ने लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) से सटे इलाकों में लंबे समय तक टिकने वाला गेहूं का आटा स्टॉक करने का फरमान जारी किया है. ये वही इलाके हैं, जो दिसंबर से मई तक बर्फबारी की चपेट में रहते हैं और वहां पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं.