आबकारी नीति मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया को 17 महीने जेल में रहने के बाद जमानत मिल गई है. सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को जमानत दे दी है. इस मामले पर आदेश जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथ की पीठ ने तीन दिन पहले 6 अगस्त को ही सुरक्षित रख लिया था. मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. दरअसल हाईकोर्ट ने सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी.
Chhattisgarh News: एक विशेष अनुमति याचिका (फौजदारी) (Crl) 1614/2024 में, तेलंगाना उच्च न्यायालय के एक निर्णय के खिलाफ, मोहम्मद अब्दुल समद बनाम राज्य तेलंगाना मामले में, न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और ऑगस्टाइन जॉर्ज मसीह की डिवीजन बेंच ने फैसला सुनाया कि भरण-पोषण के लिए कानून सभी मुस्लिम महिलाओं के लिए वैध होगा, न कि केवल विवाहित महिलाओं के लिए.
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार से उस प्रक्रिया के बारे में बताने को कहा जो उन्होंने 77 समुदायों (जिनमें ज्यादातर मुस्लिम थे) को अन्य पिछड़ा वर्ग के रूप में वर्गीकृत करने, उन्हें आरक्षण लाभ के लिए पात्र बनाने के लिए अपनाई थी
Supreme Court: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित आईएएस कोचिंग में हुए हादसे पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञा लिया है. कोर्ट ने इस मामले को लेकर दिल्ली और केंद्र सरकार को जारी किया है.
Chirag Paswan: एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि वह जाति जनगणना के पक्ष में हैं, जिसके लिए विपक्ष के नेता राहुल गांधी जोरदार मांग कर रहे हैं, हालांकि उनका यह भी मानना है कि इसके परिणामों को सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए.
NEET-UG 2024: सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एनटीए को परीक्षा कराने के तौर-तरीके बदलने के लिए कहा है. कोर्ट ने कहा कि एजेंसी प्रश्न पत्र बनाने से लेकर परीक्षा खत्म हो जाने तक कठोर जांच सुनिश्चित करे.
यह फैसला एक ऐसे मामले के जवाब में आया, जिसमें पंजाब उच्च न्यायालय ने 2010 के एक कानून को रद्द कर दिया था, जिसमें एससी आरक्षण का आधा हिस्सा वाल्मीकि और मज़हबी सिख समुदायों को आवंटित किया गया था.
Swati Maliwal Case: सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए बिभव कुमार को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि ऐसा बर्ताव करते हुए शर्म नहीं आई.
DY Chandrachud: CJI ने कहा कि हमें ट्रायल कोर्ट को प्रोत्साहित करना होगा कि वे उन लोगों की चिंताओं को सुनें और समझें जो न्याय की मांग कर रहे हैं. आज समस्या यह है कि हम ट्रायल जजों द्वारा दी जाने वाली किसी भी राहत को संदेह की नजर से देखते हैं.
फरमान अली ने कहा, "बिक्री पहले की तुलना में दस गुना कम हो गई है. पहले मैं कांवर यात्रा के दौरान एक दिन में करीब सौ शीरमल बेचता था… अब मैं 10 बेचता हूं… पिछले साल तक मैं कांवर के दौरान शाकाहारी भोजन और नाश्ता बेचने वाली एक रेहड़ी भी चलाता था. लेकिन अब कौन लड़ाई-झगड़े में पड़ने की हिम्मत करेगा?”