Vastu Tips: घर का ये कोना मानसिक, आध्यात्मिक और आर्थिक संतुलन का स्थान माना जाता है. इस स्थान पर भारी वस्तुएं, कबाड़, बंद पड़ी आदि वस्तुओं को रखने से मानसिक और आर्थिक दिक्कतों का सामना पड़ सकता है.
Vastu Tips: घर केवल ईंट और दीवारों का ढांचा नहीं होता, बल्कि यह इंसान के सपनों, परिवार की खुशियों और सुकून भरे जीवन का आधार होता है.
Vastu Tips: वास्तु के अनुसार, कामधेनु गाय की मूर्ति को सही दिशा में रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि इसे लक्ष्मी जी का रूप माना जाता है. इसे रखने के लिए दक्षिण-पूर्व (South-East) दिशा सबसे अच्छी होती है, क्योंकि इस दिशा का संबंध शुक्र ग्रह से है.
Vastu Tips: वास्तु के अनुसार, सूर्य निकलने के बाद भी सोते रहना सेहत और किस्मत दोनों के लिए नुकसानदायक होता है. माना जाता है कि जो लोग सुबह देर तक सोते हैं, उनके घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.
Vastu Tips: मान्यता है कि यदि इस पौधे की सही तरीके से देखभाल की जाए तो यह बंद किस्मत के दरवाजे खोल सकता है. वहीं, छोटी-सी लापरवाही भी धन लाभ की जगह आर्थिक परेशानियों को जन्म दे सकती है.
Vastu Tips: वास्तु शास्त्र कहता है कि पति-पत्नी के लिए यह कमरा केवल सोने के लिए नहीं, बल्कि आपसी प्यार और तालमेल को गहरा करने का स्थान भी है. हालांकि, कई बार हम अनजाने में बेडरूम में ऐसी चीजें रख देते हैं जो रिश्तों में तनाव और दूरियां पैदा कर सकती हैं.
Vastu Tips: ऐसा अक्सर देखा जाता है कि कुछ घरों में हमेशा ही कलह होता रहता है और ऐसी स्थिति कभी भी बन जाती है. इसके कारण घर के लोग हमेशा तनाव में रहते हैं.
Kharmas Vastu Tips: शास्त्रों के अनुसार, खरमास में मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए क्योंकि इस दौरान किए गए शुभ कार्यों के दुष्परिणाम मिल सकते हैं. शादी-विवाह और मुंडन से लेकर बच्चों के अन्नप्राशन तक सभी शुभ कार्यों को करना पूरी तरह वर्जित माना गया है.
Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई में सजावट के लिए शीशा या आईना लगाना एक बड़ी चूक मानी जाती है. किचन मुख्य रूप से 'अग्नि' का स्थान है और यदि आईने में चूल्हे की जलती हुई आग दिखाई देती है, तो इससे घर में अग्नि तत्व असंतुलित होकर बढ़ जाता है.
Vastu Tips For Home: वास्तु शास्त्र के अनुसार, किराए के मकान में हमेशा साफ-सफाई रखें और खुशनुमा वातावरण बनाए रखें. इसके अलावा, पूजा स्थल पर हनुमान जी का चित्र या मूर्ति स्थापित करें और नियमित रूप से उनकी आराधना करें.