Ashok Dinda: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज अशोक डिंडा ने क्रिकेट के मैदान के बाद अब राजनीति की पिच में भी अपना दम दिखाया है.
Bengal Election Counting Observers: कोलकाता हाईकोर्ट के बाद अब टीएमसी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. मतगणना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह कोई राजनीतिक दल तय नहीं कर सकता है कि चुनाव में किसकी ड्यूटी लगाई जाए.
West Bengal election results: पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों से पहले ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है. चुनाव आयोग के बाद हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया है. जबकि उन्होंने एग्जिट पोल को मनगढ़ंत बताया है.
West Bengal Exit Poll 2026: चुनावों के नतीजों से पहले विभिन्न सर्वे एजेंसियों ने अपने-अपने एग्जिट पोल के अनुमान जारी किए हैं. आइए, जानते हैं कि इन एग्जिट पोल में बंगाल में सरकार बनाने का किस पार्टी का दावा मजबूत नजर आ रहा है.
Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में इस बार के विधानसभा चुनाव में बंपर वोटिंग हुई है. यहां वोटिंग के अब तक के सारे रिकॉर्ड टूट चुके हैं. यहां जब-जब वोटर टर्न आउट हुआ है, सरकार में बदलाव हुआ है. यही वजह है कि बढ़े हुए वोटिंग प्रतिशत ने सबकी धड़कने तेज कर दी हैं.
West Bengal Phase 1 Election: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हो रहा है. इस दौरान हुमायूं कबीर और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई. मामले को देखने को चुनाव आयोग ने पूरी घटना की रिपोर्ट मांगी है.
West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए 23 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होने वाला है. पहले चरण में 152 सीटों पर वोटिंग होने वाली है. सुरक्षा के लिए करीब 2500 केंद्रीय सुरक्षाबल की एजेंसियां तैनात की गई हैं.
बंगाल में चाहे जीत BJP की हो या TMC की. लेकिन नतीजों के बाद जो हिंसा भड़कती है, वो कार्यकर्ताओं की जान और जनता की सुरक्षा-दोनों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाती है.
West Bengal elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा में एसआईआर के मामले को लेकर टीएमस के सांसद चुनाव आयुक्त से मुलाकात के लिए पहुंचे थे. हालांकि इस दौरान उनकी कहासुनी हो गई. टीएमसी सांसद ने आरोप लगाया कि उन्हें 5 मिनट में ही बाहर कर दिया गया.
Women's Reservation Bill: सरकार ने अप्रैल महीने में महिला आरक्षण बिल के लिए सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है. अगले 15 दिनों के भीतर यह बिल लाया जाएगा. संसद के दोनों सदनों की बैठक 16 अप्रैल से फिर शुरू होगी. दोनों सदनों में 17 और अप्रैल को भी कार्यवाही चलेगी. इसी दौरान इस बिल का लाया जा सकता है.