मंत्री ने बच्चे के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि जिस तरह मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपनी मेहनत से प्रदेश का नाम रोशन किया है, उसी तरह यह बच्चा भी प्रदेश और परिवार का नाम रोशन करेगा.
मामले में अब तक 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है. ईडी ने पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को तोड़ने की कार्रवाई तेज कर दी है.
फिलहाल एक बार फिर से रामावतार जग्गी हत्याकांड केस हाई कोर्ट में रिओपन हो गया है. जिसको लेकर अब अंतिम सुनवाई एक अप्रैल में होनी है.
जस्टिस प्रणय वर्मा की बेंच ने पूरे मामले की सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आदेश के बाद अधिकारियों ने बात नहीं मानी और बार-बार कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की. कोर्ट ने चारों अधिकारियों को 2 महीने की साधारण सजा सुनाई.
रिटर्निंग वॉल और सड़क निर्माण के बिल में घूसखोरी हो रही थी. ACB टीम ने दोनों को ट्रैप कर दबोच लिया है. दोनों आरोपियों को अंबिकापुर ले जाया गया है. वहीं इस कार्रवाई के बाद नगर पालिका में हड़कंप मच गया है.
ओबीसी आरक्षण 27 परसेंट का अध्यादेश होते ही राज्य में कुल आरक्षण बढ़कर 64 परसेंट हो गया, जो कि सुप्रीम कोर्ट के तय मानक 50 परसेंट से कहीं ज्यादा है. इसी को आधार बनाकर छात्रा आशिता दुबे समेत कई अन्य अनारक्षित वर्ग के लोगों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था.
डॉक्टर पर लव जिहाद का आरोप लगा है. साथ ही आरोपी है कि डॉक्टर ने इलाज के दौरान महिला की अश्लील फोटो खींच ली. इसके बाद अश्लील फोटो के आधार पर महिला को ब्लैकमेल और फिर फॉर्म हाउस बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया.
हाई कोर्ट ने कहा है कि इसमें कोई भी तथ्यात्मक गड़बड़ी नहीं है. कोर्ट ने टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है. डायल 112 का ठेका 5 साल के लिए दिया गया है. इसके पहले याचिका करने वाली कंपनी 10 सालों तक सेवाएं दे चुकी है.
गोरखपुर पहुंचे संजय निषाद ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. इस दौरान वे फूट-फूटकर रोने लगे. संजय निषाद ने आगे कहा, 'हमारी बहन-बेटियों की इज्जत लूटी गई है, हमारे बच्चों को पीछे छोड़ दिया गया. पिछली सरकारों ने हमे लूटने का काम किया है.'
पश्चिम बंगाल अभी भी बीजेपी के लिए अभेद्य किला बना हुआ है. केंद्र और पश्चिम बंगाल के नेतृत्व के बीच में अक्सर टकराव की स्थिति भी देखी जाती है. साल 2021 के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी ने युद्ध स्तर पर चुनाव की तैयारी की थी. लेकिन बीजेपी की तमाम कोशिश के बावजूद बीजेपी विधानसभा चुनाव में जीत से काफी दूर रही थी.