Raipur: राजधानी रायपुर के मोमिन पारा और बढ़ई पारा इलाके में शनिवार देर रात दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई. घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई है.
CG News: कवर्धा में VB G RAM G को लागू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है. जिले में अब तक 97 फीसदी श्रमिकों की e-KYC प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. बाकी श्रमिकों के लिए प्रशासन ने चेतावनी जारी की है. जिले में 3.64 लाख रजिस्टर्ड श्रमिक हैं.
CG News: रायपुर की महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर नगर निगम की ओर से मांस बिक्री पर रोक लगाई गई है. महावीर जयंती के दिन बूचड़खाने और मांस-मटन की बिक्री वाली दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी.
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटे में ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहा. गरियाबंद, धमतरी, कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली और गरज चमक के साथ बारिश हुई.
इन परियोजनाओं से शहर के बुनियादी ढांचे में मजबूती आएगी, यातायात व्यवस्था बेहतर होगी तथा नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी. साथ ही सांस्कृतिक एवं सामाजिक पहचान को भी बढ़ावा मिलेगा.
CG News: पश्चिम एशिया में बने हालात के मद्देनज़र छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने सभी कलेक्टरों-कमिश्नरों और आईजी के साथ मिलकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की.
Ambikapur News: सरगुजा जिला कृषि के क्षेत्र में जाना जाता है लेकिन यहां अधिकारियों की लापरवाही की वजह से सब कुछ कागजो में ही चल रहा है, चाहे वह दलहन खेती की बात हो या तिलहन की खेती. कागजों में आंकड़े की बाजीगरी करना अगर किसी को सीखना है तो वह अंबिकापुर में कृषि विभाग के अधिकारियों से सीख सकता है.
CG News: सरगुजा जिले में जल जीवन मिशन का काम करने वाले ठेकेदार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराज हैं. ठेकेदारों का कहना है कि उनसे इंजीनियर कमीशन मांगते हैं और कमीशन नहीं देने पर निर्माण कार्यों का पूरा मूल्यांकन नहीं किया जा रहा है.
CG News: नवरात्र के नौ दिनों तक पूजित ज्योति कलश को सिर पर धारण किए सैकड़ों महिलाएं नीचे स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर से जैसे ही निकलीं, पूरा शहर भक्ति में डूब गया. ढोल-नगाड़ों की गूंज, देवी गीतों की स्वर लहरियां और “जय मां बम्लेश्वरी” के जयकारों के बीच यह यात्रा आगे बढ़ती रही.
CG High Court: याचिकाकर्ता ने 29 मई 2024 को अभ्यावेदन दिया था. इसके बाद 7 जनवरी 2025 को स्मरण पत्र भी प्रस्तुत किया गया, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. मामले की सुनवाई के दौरान राज्य पक्ष ने याचिकाकर्ता की मांग का विरोध नहीं किया और कहा कि अभ्यावेदन पर विधि अनुसार निर्णय लिया जाएगा.