कोर्ट ने बताया कि सोमवार को सभी याचिकओं को एक साथ सुना जाएगा. याचिकाओं को सुनने के बाद ही आपत्तिकर्ता अपनी बात रख पाएंगे.
चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ ने कटनी विधायक के खिलाफ आपराधिक अवमानना का केस दर्ज करने का आदेश दिया है. साथ ही कोर्ट ने पूछा है कि विधायक बताएं कि उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई क्यों ना की जाए.
MP News: हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक अहम फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि किसी अन्य राज्य से जारी ओबीसी प्रमाण पत्र के आधार पर मध्य प्रदेश में आरक्षण का लाभ नहीं लिया जा सकता.
MP News: मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार की शुरुआत मांग करने से होती है. कानून इस तरह के कृत्य को नजरअंदाज नहीं कर सकता है. यदि FIR निरस्त की जाती है तो करप्शन के खिलाफ लड़ाई कमजोर हो जाएगी.
MP News: महिला कर्मचारी के साथ अनुचित व्यवहार के मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है. चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने इंस्पेक्टर राजेश कुमार त्रिपाठी की सेवा में वापसी पर रोक लगा दी है.
MP News: सोम डिस्टलरी मध्य प्रदेश आबकारी टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएगी. इसकी बड़ी वजह कंपनी का लाइसेंस पहले ही निरस्त हो चुका है. एमपी हाई कोर्ट ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं.
ओबीसी आरक्षण 27 परसेंट का अध्यादेश होते ही राज्य में कुल आरक्षण बढ़कर 64 परसेंट हो गया, जो कि सुप्रीम कोर्ट के तय मानक 50 परसेंट से कहीं ज्यादा है. इसी को आधार बनाकर छात्रा आशिता दुबे समेत कई अन्य अनारक्षित वर्ग के लोगों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था.
MP News: विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा की विधायकी रद्द हो गई है. अब इस सीट से रामनिवास रावत विधायक होंगे. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने बड़ा फैसला सुनाया है.
MP News: याचिकाकर्ता की ओर से न्यायालय में कहा गया कि NRI अभ्यर्थी फर्स्ट राउंड, सेकेंड राउंड और मॉप अप तक एनआरआई कोटे में प्रवेश पाने के हकदार हैं. इसके बाद भी NRI सीटों को जनरल में बदला जा रहा है. कोर्ट में बताया गया कि इससे संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकार प्रभावित हुए.
MP News: कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि एग्रीगेटर कंपनियों को राज्य सरकार द्वारा जारी एग्रीगेटर गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है. केवल मोबाइल एप के जरिए रजिस्ट्रेशन या बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है.